बीरोंखाल /कुलांटेश्वर 04 नवंबर। बीरोंखाल, पौड़ी गढ़वाल स्याल्दे, अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल, की सीमा पर स्थित महाकाली मंदिर में होने वाले प्रसिद्ध त्रैवार्षिक मेले व माँ भगवती कालिंका की सुन्दर सुशोभित प्रतिमा न्याजा यात्रा के दिन की घोषणा आज उत्तराखण्ड के मुख्य त्यौहार इगास के शुभ अवसर पर की गई है। आज रात ग्राम कोठा में परम्परा अनुसार इगास के मौके पर माँ भगवती कालिंका के पवित्र प्रांगण में भैला कौथिग का आयोजन किया जाएगा।
आगामी 7 दिसम्बर 2022, बुधवार को माँ भगवती के पवित्र प्रांगण में पाठ व रात्रि कौथिग का आयोजन किया जाएगा, 8 दिसम्बर 2022, बृहस्पतिवार को सुबह यात्रा एवं श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु माँ भगवती की प्रतिमा न्याजा का प्रादुर्भाव होगा। महाकाली मंदिर निर्माण समिति पौड़ी गढ़वाल-अल्मोड़ा के अध्यक्ष चंदन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि, 19 दिनों की इस यात्रा में सैकड़ों गांवों में माँ भगवती की विशाल व भव्य यात्रा भ्रमण कर दिनांक 26 दिसम्बर को पुनः माँ भगवती के निवास स्थान पर रात्रि कौथिग (भीतर जतोड़ा) का आयोजन होगा।
मंदिर समिति की ओर से बताया गया है कि, 27 दिसम्बर 2022 को मंदिर में मेले के अवसर पर लगभग सुबह मंदिर में देवी माँ की प्रतिमा न्याजा को दूर – दूर से मेले में पहुंचने वाले माँ भगवती कालिंका के भक्तों, श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए स्थापित किया जाएगा व पूरे विधि-विधान, रीति-रिवाजों के साथ शुभलग्नानुसार पूजा-पाठ के साथ शाम को न्याजा को उनके निवास स्थान ग्राम कोठा तल्ला के लिए प्रस्थान किया जाएगा व अगले दिन 28 दिसम्बर 2022 को गौदान व हवन कर सबकी सुख समृद्धि की कामना कर मेला समापन की घोषणा होगी।
