यात्री संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटे
पहली बार पहुंचे 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के बाद अब बद्रीनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। धाम के यात्रा इतिहास में यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 79 हजार 805 पहुंच चुकी है। जबकि धाम के कपाट बंद होने में अभी डेढ़ से पौने दो महीने का समय शेष है।
23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 22 सितंबर को 153 दिनों में ही आस्था का नया रिकॉर्ड बना चुकी है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड राज्य के स्थापना वर्ष 2000 में बद्रीनाथ धाम में कुल दर्शनार्थियों की संख्या 06 लाख 95 हजार 332 थी। वर्ष 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 07 लाख 68 हजार 107 पहुंच गया। वर्ष 2008 और 2010 में यह संख्या 10 लाख पार हुई लेकिन 2014 में भीषण आपदा भक्तों की राह में रोड़ा बन गई। श्रद्धालुओं की संख्या 01 लाख 59 हजार 575 पर सिमट गई।
वर्ष 2018 और 2019 में क्रमश: 10,48,051 और 12,44,993 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। लेकिन फिर कोरोना संक्रमण के चलते यह आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच सिमट गया। वर्ष 2020 में मात्र 1,55,055 और 2021 में 1,99,409 तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे।
धामी सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विस्तार होने से 2022 से भगवान बद्रीविशाल जी के भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बनाती गई है। वर्ष 2022 में 17,63,578, 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74, 264 और 2025 में सर्वाधिक 17,78,298 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन को पहुंचे। अब मौसम सुधरने के साथ ही यहां हर रोज यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को 6,685 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धामों और पड़ावों में यात्री सुविधाओं पर खास फोकस किया गया है। स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड