देहरादून 30 अप्रैल। उत्तराखंड में गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से कई अहम निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट ब्रीफिंग दी।
उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में बदलाव को मंजूरी मिली। अब वन दरोगा के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी के लिए 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई है।
वन दरोगा के शैक्षिक अहर्ता को इंटरमीडिएट से बढ़कर स्नातक किया गया है।
बैठक में सबसे प्रमुख रूप से उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई। इसके तहत अब प्रवर्तन अधिकारियों को भी वर्दी पहननी होगी। साथ ही शहरी विकास से जुड़े कुंभ मेला कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को आसान बनाया गया है—एक करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, पांच करोड़ तक के मंडलायुक्त और इससे अधिक राशि के कार्य शासन स्तर से मंजूर होंगे।
परिवहन विभाग में बड़ा फैसला लेते हुए 250 नई बसें खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया। पहले 100 बसों की अनुमति दी गई थी, लेकिन जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के कारण अब 109 अतिरिक्त बसें भी खरीदी जाएंगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मदरसों की मान्यता को लेकर नई व्यवस्था लागू होगी—कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तर से मान्यता मिलेगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के लिए राज्य बोर्ड से मान्यता जरूरी होगी। प्रदेश में करीब 452 मदरसे 8वीं तक शिक्षा दे रहे हैं, जबकि लगभग 52 मदरसे उच्च कक्षाओं तक संचालित हैं। इस संबंध में जल्द अध्यादेश लाया जाएगा।
कार्मिक विभाग में प्रतीक्षा सूची की वैधता को लेकर स्पष्ट किया गया कि यदि एक वर्ष के भीतर नियुक्ति मिल जाती है तो सूची वैध मानी जाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिया गया। दिव्यांग कोटे के खाली पदों और नए पद सृजन प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
इसके अलावा, वित्त विभाग से जुड़े मामलों में वर्कचार्ज कर्मचारियों पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई। निविदा प्रक्रिया में भी बदलाव करते हुए अब डी श्रेणी के ठेकेदारों को 1 करोड़ की बजाय 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य दिए जा सकेंगे।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाकर 21 अशासकीय कॉलेजों तक किया गया, जहां स्थायी प्राचार्य नियुक्त हैं।
वन क्षेत्रों में आजीविका और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की नई नीति को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष नियमावली 2026 लागू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के साथ हाथी-मानव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन को मिली मंजूरी. रॉयल्टी की दर को 7 रुपए प्रति कुंतल को बढ़ाकर 8 रुपए प्रति कुंटल किया गया.