गैरसैंण के ‘भगीरथ’ बनकर उभरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विकास को मिली नई रफ्तार - MeraUK.com

गैरसैंण के ‘भगीरथ’ बनकर उभरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विकास को मिली नई रफ्तार

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र ने राज्य की राजनीति और विकास की दिशा को नया संदेश दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण को केवल प्रतीकात्मक राजधानी नहीं बल्कि विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने गैरसैंण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यहां स्मार्ट सिटी की अवधारणा, बदरी गाय अनुसंधान केंद्र, और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आगे बढ़ाए हैं। इन योजनाओं के जरिए गैरसैंण को प्रशासनिक, आर्थिक और पर्यटन की दृष्टि से मजबूत बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है।

धामी सरकार में सबसे लंबा गैरसैंण विधानसभा सत्र

धामी सरकार के कार्यकाल में गैरसैंण में आयोजित यह अब तक का सबसे लंबा विधानसभा सत्र रहा। पांच दिनों तक चले इस सत्र में कुल 41 घंटे 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली, जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। पिछले चार वर्षों में गैरसैंण में सबसे अधिक विधानसभा सत्र आयोजित कराने वाले मुख्यमंत्री भी पुष्कर सिंह धामी बन गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सक्रियता से गैरसैंण को वास्तविक अर्थों में राजधानी जैसा महत्व मिलने लगा है।

ऐतिहासिक भाषण से बढ़ी धामी की ब्रांड वैल्यू

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री धामी का दो घंटे से अधिक समय तक चला संबोधन भी चर्चा का केंद्र रहा। इस भाषण में उन्होंने राज्य के विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और निवेश को लेकर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।
दिलचस्प बात यह रही कि विपक्ष के कई नेताओं ने भी उनके भाषण और तथ्यों की प्रस्तुति की सराहना की।

विपक्ष पर सख्त तेवर, विकास पर स्पष्ट दृष्टि

सदन के भीतर मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सवालों का तीखा जवाब भी दिया, वहीं कई मौकों पर सौहार्दपूर्ण अंदाज में संवाद कर राजनीतिक संतुलन भी बनाए रखा।विश्लेषकों के अनुसार इस सत्र ने न केवल गैरसैंण के महत्व को रेखांकित किया बल्कि मुख्यमंत्री धामी की राजनीतिक पकड़ और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत संदेश दिया।

गैरसैंण के समग्र विकास की दिशा तय

सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में गैरसैंण को प्रशासनिक केंद्र, पर्यटन हब और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आधारभूत ढांचे, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना बनाई गई है।

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